एक सप्ताह का आरंभ शुरू करने के लिए, शुभ दिन की शुभकामनाएं! आइए सब आशावादी दृष्टिकोण के साथ आजकल अवधि की व्यवस्था खोलें। इस मौका shubh mangalvar होता है अपने aspirations को प्राप्त doing के लिए। खुशी और जीत आपके संग रहे।
मंगल सोमवार शक्ति से भरपूर दिन
आज दिन, एक मौका है अपने aspirations को हासिल करने का! आशावादी अनुभवों के साथ, तुम अवश्य रूप से सफलता प्राप्त करेंगे। विभिन्न चुनौती को एकता समझने का अवसर जानें और अपनी शक्ति का पूर्ण समर्पण करें। मंगल मंगलवार! उत्तर घूमें और अपनी सपनों को पूर्ण करें। यह काल है है!
प्रसन्न बुधवार
यह समय शिक्षा और प्रगति का एक अविष्कार है! आइए सकारात्मक विचार के साथ अपना कदम करें। यह समय अपने लक्ष्य को प्राप्त करने और अपनी योग्यता को बढ़ाने करने का अद्भुत मौका है। आनंद और उपलब्धि आपके कदम पर मिलेंगी!
auspicious गुरुजी कृपा और समृद्धि
आजकल के दिन, गुरुवार को, भगवान बृहस्पती देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह एक समय आपके जीवन समृद्धि और विकास लाने के लिए अति आवश्यक है। इसलिए, गुरुवार को प्रातः {ब्रह्स्पति|बृहस्पति|गुरु) के आराधना करें और उसे सुगंधित जल अर्पित करें। इसके, गुरुवार को पीला रंग अपनाएं तो आपकी तरफ कल्याण में वृद्धि जरूर होगा। यह विश्वास है कि गुरुवार {गुरु|गुरुदेव|गुरुजी) तारा के और संरेखित होते हैं, जिसके फलस्वरूप उनके ध्यान अति गुना बढ़ जाती है।
मंगल संक्रांती उपवास: तरीका एवं लाभ
संक्रांती का व्रत एक अत्यंत महत्वपूर्ण कर्तव्य है, जिसे अनेक भक्त लोग पालन करते हैं। यह उपवास करने की तरीका वास्तव में आसान है। सबसे पहले, प्रातः में जागकर स्नान करें और भगवान शिव को अर्पण करें। फिर, निर्धारित व्रत के अनुसार फल और क्षीर का भोजन लें। शाम को, थोड़ा विधीय अनुष्ठान करें और देव को आशीर्वाद करें। व्रत के गुण अनेक हैं, जैसे कि रोग से निराकरण, कष्ट से निवारण और ईश्वर शंकर की अनुग्रह का अधिगम होना। यह व्रत करने से मानसिक समाधान मिलती है और भौतिक अधिराज में बढ़ोतरी होती है।
मंगलमय वारों का महत्व
प्राचीन भारतीय संस्कृति में, शुभ वारों का विशेष महत्व है। ये वार, न केवल समय का विभाजन का लिए हैं, बल्कि वे हमारे जीवन को दिशा देने और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में भी सहायक होते हैं। प्रत्येक वार का अपना विशिष्ट विशेष महत्व रखता है, जैसे कि रविवार सूर्य भगवान को समर्पित है, सोमवार चन्द्र देव को, और शुक्रवार लक्ष्मी माता को। भक्त इन वारों का पालन करके और उनसे सम्बंधित किए कृत्यों को करके अपने जीवन में शुभता और समृद्धि को प्राप्त करते हैं। विभिन्न वारों में ग्रहों का शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए विशेष विधि किए जाते हैं, जिससे जीवन में खुशियाँ तथा सफलता प्राप्त है।